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~ उड़ान…
चुप चाप से आवाज़ लगायी होगी, बंद आँखों से एक बार देखा भी होगा, बिना पंखो के ली होगी उसने वो उड़ान, आखिरी बार खोली होगी गुज़रे लम्हों की दुकान… कुछ धुँधली कुछ साफ़ नज़र आयी होंगी, जब उत…