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~ शायद, यक़ीनन…
एक ज़मीन का टुकड़ा कुछ उखड़ा, था, शायद… दो गज़ लम्बाई, दो हाथ भर चौड़ाई, यक़ीनन… बदमस्त हो वहां ज़िन्दगी सो रही थी, शायद… मौत चेहरों पे सिरहाने उसके रो रही थी, यक़ीन…