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~ गोश्त की दुकान…
साहब, छोटा मुँह और बड़ी बात… दो पैर, दो हाथ…छरहरा बदन, तीखे नयन…बिगड़े हालात…खिलता चमन…उजाड़ोगे? गोश्त नया है आया…एकदम गर्म…हज़ार मील का सफर है किया तय&#82…