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शराबों। (पुनः प्रकाशित)
ना वो प्याला रहा सलामत, ना वो दौर ए दस्तूर ही रह पाया कायम, बदलते समय से बदल गए हर यार यहाँ। यारो में यार मेरा यार शराबों… विक्रांत राजलीवाल। देखें इस दुनियां में यार बहुत, ढूंढे ना ढूंढ़ पाए …