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🌹 टूटा गुलाब, बिखुड़ी जो पंखुड़ियां; हर जख्म महोब्बत के नासूर हो गए।याद में एक सितमगर कि ए दोस्त; हम जीते जी ही जो फ़ना हो गए। विक्रांत राजलीवाल द्वारा लिखित। 💗हम तुम्हें ना पा सकें और तुम हर बार हमार…