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एहसास
💥 सुबह सवेरे, नई उमंग,नई ताजगी से भरी हर श्वास, प्राण जीवन उमंग चेतना से प्रफुल्लित ये जीवन एक आत्मज्ञान। विक्रांत राजलीवाल द्वारा लिखित ईष्वर के बनाए हम पुतले जो माटी के, भरी है भीतर हमारे भ…