vikrantrajliwal.com
💥 सत्य स्वीकार। / 💥 Accept The Truth.
स्वयं को सबसे ख़ास समझते हुए अपने जीवन के हादसों को नकारना! कि मैं तो सबसे अलग हु मेरे साथ ऐसा कैसे हो सकता है। मेरी तो कोई भी ग़लती नही है। फिर मेरे साथ ऐसा कैसे हो सकता है? नही, नही मैं बिल्कुल सही…