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एहसास एक दर्द।
नही गुजरते तन्हा तन्हा से लम्हे ये इंतज़ार के, दूर सनम से रुस्वा रुस्वा से ये लम्हे बेकरार से। सुना है शहर में उनके जलसे है अब भी बहार के, और हम जीते है तन्हा आज भी उनके इंतज़ार से।। उनको है हवस मौसम…