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महकता गुलिस्तां।
रौशन है चाँद सितारों से, गुलिस्तां ये ख्वाबो का मेरा। महक है मदहोशी सी कोई, खिलती कलियो सा ख्वाब मेरा।। सकूं ये रूह, नही है वीरान, आबाद ये गुलिस्तां ख्वाबो का मेरा। खोए अरमान, जागती ख्वाहिशो सा, ये…