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कशमकश ज़िन्दगी।
चल रही है किश्ती, ढूंढ़ने को किनारे कोई उफान ए समंदर, से टुटते हौसले। फंसे है मुसाफ़िर अनजाने कई राह उमीद एक लिए हुए।। देख के रोशन, चाँद से, उठती है तरंगे कई हर तरंग साथ अपने,जान कई लिए हुए। उमीद है…