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ठडकी में बादशाही हो या बादशाही में ठडकी
गिरेबान में तो हमने भी झाँका मगर मारे गए आराम से, आखिर है तो ये वही माजला जब सब बिक गए हो हराम से, अब दो चार सुट्टा यहीं मार लो वर्ना सोचेंगे सब है ये नन्हा सा, घुस गया तो गुज़र जायेगी बदन की ख़ुशी …