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घासलेट के प्रेम में
मेरे अरमान सब जल के राख हो गए, घासलेट के प्रेम में, अब बताओ अरमानों का भला क्या काम, इस मुश्किल भरी ट्रैन में, ट्रैन में न जाने कैसे कैसे मिल जाते हैं ज़ख्म पे नमक छिड़काने को, थोड़ा साइड दे ज़ालिम हवा…