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गंदगी से लाचार लिबास एवं अन्य कवितायें: रॉबर्तो बोलान्यो
“सत्तर के शुरू की बात है शायद। मेक्सिको शहर में, या शायद कोई और लातिन अमेरिकी शहर रहा होगा, एक कवि सम्मलेन हो रहा था. कवि आते जा रहे थे, कविता कभी निलंबित, कभी ज़लील होती जा रही थी. तमाशे के …