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हे कृष्णा
हे कृष्णा, मेरी कलम में तुम थोड़े, बंसी के लय घोलो न.. मुझे पढ़कर सबमें प्रेम बढ़े, ऐसे किस्से मुझसे गढ़वाओं न.. सुनने को सब मुझे भी ललचे, कुछ ऐसी मायाजाल बिछाओ न.. मेरी कलम में तुम थोड़े, बंसी के लय घो…