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मैं काफ़िर हूँ मेरे यारों
(१) न गीताग्रंथ जपता हूँ, न आयत-ए-क़ुरआन रटता हूँ, मैं काफ़िर हूँ मेरे यारों, नेकी को सजदा करता हूँ। है किसी को दीन की चिंता, किसी को धर्म का है ख्याल, मैं आशिक हूँ मेरे यारों, दिलों की बात करता हूँ।…