sunnymca.wordpress.com
महिला दिवस को समर्पित कविता
दुनिया की ख़ास ख़बर नहीं, मैं आज अपनी बात ही करता हूँ, नारी का क्या मोल मेरे जीवन में, मैं उसी पर आज कुछ कहता हूँ। जब जीवन यह गर्भ में था, एक नारी ने ही पाला था, भूल के खुद के कष्टों को जिसने, मुझे न…