sunnymca.wordpress.com
कुछ कदमों तक साथ तो दो..
Another poem by me, written for a very special friend whom i meet over Internet in 2012. Enjoy Reading!! मत आना साथ मंजिल तक, पर कुछ क़दमों तक साथ तो दो.. मत सजाना मेरी दुनियां तुम, पर एक मीठा याद …