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दिल कहता है कलम छोड़, अब बन्दूक उठा लूँ
दिल कहता है कलम छोड़, अब बन्दूक उठा लूँ, स्याही फीके हो गए, गदर से अपनी बात सूना दूँ, शिकायतों का हो दौर खत्म, कपूतों को उनके अंजाम बता दूँ, दिल कहता है कलम छोड़, अब बन्दूकें उठा लूँ। जेहादी कट्टरता …