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आओ इन लम्हों में बीते कड़वे सब लम्हों को भुला दो
मैं तुम्हें चन्दन, तुम मुझे बिंदी बना लो, ख्वाबों की खिड़की खोल, इसे हक़ीक़त से मिला दो। आओ इन लम्हों में बीते कड़वे सब लम्हों को भुला दो।। Mai tumhe chandan tum mujhe bindi bnaa lo… khwabon ki k…