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तुमसे ही आखिरी उम्मीद
अब शब्दों पर यक़ीन नहीं होता, और वक़्त पर ऐतबार, पर आँखों में सपने, अब भी जागे है, और तुमसे ही आखिरी उम्मीद। माना दूर गया था, तुमको छोड़, रुसवाइयों में मैं मुँह मोड़, पर सच है, तब मै भी रोया था, क्यूंक…