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Muhabbat karke jaana hai….!
मुहब्बत करके जाना है..! नदियां निश्छल दीवानी होती है, जिन्हें सागर से मिलने कि बेचैनी होती है। फूलों कि ख्वाहिश में भवरें, मदहोश मदमस्त गाने गाते है। और क्यूँ चांदनी रात में, चकोर चंदा से शरमाते है…