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तुम पीछे छोड़ चुकी मधुशाला को..
नशा चढ़ता है तेरी बातों का, जब तुम नजरों से उल्फत के जाम पिलाती हो। मै मदहोश सैर करता हूँ जन्नत का, जब तुम बालों में हाथ फिराती हो। हौसला मिलता है गम, रंज, छोड़, जिंदगी जीने का, जब तुम देख मुझे मुस…