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नाते -रिश्ते 
कितने नाते टूट गए कितने साथी रूठ गए हम तो जहाँ थे वहीँ रहे ना जाने सब कहाँ पर छूट गए नए नए साथी, नए नए रिश्ते बने भी और बिखर गए जिससे जितनी लिखी थी उतना ही साथ निभा गए यादें ही रह जात…