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झूठ के दाग
नासमझी में जो सच भी बोला जाए, वो बहुत बड़ा झूठ है। बिना समझे, सिर्फ डर के कारण या लोभ के कारण, या आदत के कारण, या परम्परा के कारण, अगर तुम सच भी बोल रहे हो तो उसमें सच जैसा क्या है? क्या है सच जैस…