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कुछ ज़्यादा ही !
कुछ ज़्यादा ही दे दिया. बिन मांगे, बिन कहे कुछ ज़्यादा ही जुड़ लिया अब फिर गुस्सा सा आता है, कि तुमको इसकी कद्र नहीं, क्या पता शायद इसकी ख़बर ही नहीँ. बिन माँगे न सही, ज़रा पुछा हुआ सा, मेरे प्यार का हि…