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ज़िंदगी के रंग -185
वर्षा सी बरसती, अर्ध खुली भीगी आँखों के गीले पलको के चिलमन से कभी कभी दुनियाइंद्रधनुष सी, सतरंगी दिखती है. आँखों के खुलते ही सारे इंद्रधनुष के रंग बिखर जाते हैं. ख़्वाबों का पीछा करती ज़िंदगी कुछ ऐ…