rekhasahay.wordpress.com
ज़िंदगी के रंग -127
ख़ालीपन ख़ाली सी ज़िंदगी ख़ाली ख़ाली सपने छूट गए हम पीछे. वे एहसास कहाँ गए? वो घर कहाँ गया ? यादों की बारिश में कब निकलेगा इंद्रधनुष?…