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ज़िंदगी के रंग – 120
ज़िंदगी, तुम्हारे सिखाए सबक़ सीखने के बाद सूखे दरख़्तों की बयार, पतझड़ की छांव ख़ाली पन्नों की बातें, मौन नम आँखें और ख़ामोशी भरी ज़िंदगी भी अच्छी लगती है.…