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एक टुकड़ा ज़िंदगी का !!
विचारों, यादों के क़ैद में टुकडे टुकड़े ज़िंदगी क्या जीना ? मन , विचार ज़िंदगी से बड़े कैसे हो सकते हैं? ज़िंदगी है इसलिए मन है, विचार और यादें हैं.…