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ज़िंदगी के रंग – 93
फ़िक्र करने वाले नसीब वालों को मिलतें हैं. पर ना मिले फ़िक्र करने वाले तो भी फ़िक्र नहीं. क्योंकि रंगो से भरी यह ज़िन्दगी ख़ुशनुमा हैं. प्रथम दो पंक्तियाँ बलोगर दीप के सौजन्य से .…