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ज़िंदगी के रंग – 77
जीना सीखते सीखते बरसो लग जाते है . और जीना सीखते समझते जाने का वक़्त आ जाता है. फिर भी कहने वाले कहते है – ” तुम्हें जीना नहीं आया ‘ …