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धृष्ट चाँद
पूनम का धृष्ट चाँद बिना पूछे, बादलों के खुले वातायन से अपनी चाँदनी को बड़े अधिकार से सागर पर बिखेर गगन में मुस्कुरा पड़ा . सागर की लहरों पर बिखर चाँदनी सागर को अपने पास बुलाने लगी. लहरें ऊँचाइयों …