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दोस्ती…मैत्री….
घंटो बातें करो या फिर बिलकुल बातें ना हो , दोस्ती या सम्बन्धों को, निभाने का यह तरीक़ा कुछ समझ नहीं आता . क्या कोई बता सकता है ? क्यों करते हैं लोग ऐसा ?…