rekhasahay.wordpress.com
कमल और कुमुदिनी
कुमुदिनी ने कहा चाँद से , तुम आते हो तो तुम्हारी शीतलता में मैं खिल जाती हूँ . क्यों तुम जाते हो ? क्या तुम्हें मुझसे प्यार नहीं ? सूरज की तेज़ रौशनी चुभती है और मैं मुरझा जाती हूँ . दर्द भरी हँसी …