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जिंदगी थी खुली किताब
जिंदगी थी खुली किताब, हवा के झोकों से फङफङाती । आज खोजने पर भी खो गये पन्ने वापस नहीं मिलते। शायद इसलिये लोग कहते थे- लिफाफे में बंद कर लो अपनी तमाम जिन्दगी, खुली किताबों के अक्सर पन्नें उड़ जाया क…