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स्याही
स्याही से लिखते-लिखते ज़िंदगी की कहानी, बूँदें टपक कर कब स्याह कर गईं पन्ने, पता हीं नहीं चला. और अब रिक्त कलम से लिखने के लिए बचा हीं नहीं कुछ भी. Picture courtesy Aneesh…