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अरसों बाद
अरसों बाद किसी की आवाज़ ने मेरे कानों में खनक पैदा की; दिल में गुदगुदी हुई; जड़ हो चुके मस्तिष्क पर नमी सी महसूस हुई है; लगा जैसे बरसों से पड़ी बंद खिड़की पर बारिश की बूंदों ने एक साथ खटखटाहट कर दी..…