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On Mandi
by Sneha Bhagwat “अरे! हम हैं तो समाज हैं। और इतनी ही फिकर हैं तो मर्दो को बांध के रखो ना घर पे| मर्द खरीदता है तभीच तो औरत बेचती हैं अपनेआप को।” Rukminibai (Shabana Azmi) thunders as she walks wit…