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ठुमक चलत रामचंद्र…
ठुमक चलत रामचंद्र ठुमक चलत रामचंद्र बाजत पैंजनियां… ठुमक चलत रामचंद्र किलकि किलकि उठत धाय गिरत भूमि लटपटाय . धाय मात गोद लेत दशरथ की रनियां .. अंचल रज अंग झारि विविध भांति सो दु…