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कुछ लम्हें बस…
कभी वक़्त फिसल जाता है, रेत की तरह, तो कभी लम्हें जलते है, जुगनूओंकी तरह, चाहतें बस उड़ जाती है, हवाओंकी तरह, पर तुमसे की हुई मोहोब्बत, बरक़रार रहेगी हमेशा. * * * * * बहोत कुछ माँगा नहीं था, तुम्हारे …