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इंतेज़ार…
एक दिन वो मुस्कुराकर कह दिए, काफी दिनों से बात नहीं हुई, हम भी हँसकर बोलें हाँ, कभी आँखें चार ही नहीं हुई. * * * वो बोली अब रोज़ करेंगे बातें, बर्बाद लम्होंको भर निकालेंगे, हम में थोड़ी उमंग भर …