pparihar.com
बृहदारण्यकोपनिषद – प्रलय के बाद ‘सृष्टि की उत्पत्ति
‘बृहत’ (बड़ा) और ‘आरण्यक’ (वन) दो शब्दों के मेल से इसका यह ‘बृहदारण्यक’ नाम पड़ा है। इसमें छह अध्याय हैं बृहदारण्यक उपनिषदों पर भर्तु प्रपंच ने भाष्य रचना की थी। इसमें छह ब्राह्मण हैं। प्रथम ब्राह्…