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Unknown poet ▂▄▅▆▇██▇▆▅▄▂ 📿🔔लाजवाब पंक्तियाँ 🔔📿 तन्हा बैठा था एक दिन मैं अपने मकान में, चिड़िया बना रही थी घोंसला रोशनदान में। पल भर में आती पल भर में जाती थी वो, छोटे छोटे तिनके चोंच में भर लाती थ…