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नामालूम सी बात
बात थी नामालूम सी,कहीं दिल में दबी थी,मेरे बचपन से जवानी तक,गली के नुक्कड़ खड़ी थी,बात थी नामालूम सी,कहीं दिल में दबी थी,अलविदा ओ शहर,चले दूर अपने और परायों से,बस वही ,हर मोड़ पर मिली थी,बात थी नाम…