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अधूरी इच्छा
चला गया था बहुत दूर, बैठ समय के पंखों पर, भूल गया बचपन सारा, जो बीता दो बूढ़ें कंधों पर, आया हूं अब प्रेम चुकाने, उस वृद्ध की शैय्या को, चला गया था बहुत दूर, यादें रह गई कहीं है, जो बंद कहीं है कोन…