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Ye Kaisa Hindustan - Madhusudan Singh
जितना प्रेम करते हैं हम अपने हिंदुस्तान से, उतना ही प्रेम करते हम,हिन्द के आवाम से, हैं हिन्दू हम सच्चाई है,मेरा भी हिंदुस्तान है, धर्म हो कोई भी उसमें,बसती मेरी जान है, संख्या अस्सी फीसदी मेरी,मेरे हिंदुस्तान में, फिर भी मेरी कद्र क्यों नहीं है हिंदुस्तान में। जाति-धर्म छोड़ देख,मैं भी तो इंसान हूँ, तेरे …