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Udaasi - Madhusudan Singh
Images credit..Google गए हो छोड़कर जब से, उदासी ही उदासी है,2 बताएं हम तुम्हें कैसे,ये अखियाँ कितनी प्यासी है, गए हो छोड़कर जब से———। नही है चैन अब दिन में, नहीं है नींद रातों में, बहाऊँ अश्क का दरिया, तड़पती स्याह रातों में ये मखमल सेज रातों में, हमे कांटे चुभाती है,2 बताएं हम तुम्हें …