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Unexpected/अप्रत्याशित खुशी - Madhusudan Singh
Image Credit: Google Cont…..to Read part..2 चाहतें इश्क की उस रैन का कह दूँ कैसे, प्यास कैसी जिगर,मन,नैन का कह दूँ कैसे, नैन दो नैन से जी भर भी मिल नही पाए, ढल गई रात कब सुबहां हुई कह दूँ कैसे। मखमली सेज पर,मखमल मचलते देखा, यकीं नही थी आँखों को,अपलक देखा, चाँद अम्बर तले …