madhureo.com
Tulsidas (ek Prem katha) pad men - Madhusudan Singh
तुलसीदास एक प्रेम कथा……..पद में काली अंधेरी बादलों से गरजती शाम, बाहर से घर आना,अपने प्राणप्रिये को घर में नहीं पाना एवं आस- पड़ोस के द्वारा उसके पिता की आने की खबर सुन तुलसी अपने व्यग्र दिल की बातें सुन बिना किसी संकट को सोंचे उफनती नदी को पार कर खिड़की के रास्ते अपने नयी …