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Talaaq ka Dansh - Madhusudan Singh
तड़प,वेदना,चीख,विनय,मज़बूरी और जज्बात, शौहर,रब,माँ-बाप सभी को दिखलाती हालात, मगर स्वार्थ,मतलब,गुरुर में,दर्द ना देखा नर ने, दिल में थी तस्वीर किसी की,दे दी तीन तलाक। ●●●●● आक्रोश एवं एक असफल बिनती नारी का•••• ऐसे नफरत ना कर हम से प्यारे,हम किधर जाएंगे, अम्मी,अब्बू को क्या हम बताएं,सुन के मर जाएंगे, ऐसे नफरत ना………………….|1 हम से पहली …